Wednesday, 4 January 2017

5 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

5 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

1999 - विक्टर जाँय वे पेरू के प्रधानमंत्री मनोनीत किये गए, आस्ट्रेलिया के कप्तान मार्क टेलर द्वारा 157 कैच पकड़कर विश्व रिकार्ड की स्थापना।

2000 - अंतर्राष्ट्रीय फ़ुटबाल एवं सांख्यिकी महासंघ ने 'पेले' को शताब्दी का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया।

2002 - दक्षेस शिखर सम्मेलन काठमाण्डू में शुरू, उद्घाटन सत्र में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ ने भारत के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया पर भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा- 'भरोसे के लायक़ नहीं।

'2003 - अल्जीरिया में विद्रोहियों के हमले में 43 सैनिक मरे।

2006 - भारत और नेपाल ने पारगमन संधि की अवधि को 3 महीने के लिए बढ़ाया।

2007 - तंजानिया की विदेश मंत्री आशा रोज मिगरो संयुक्त राष्ट्र की उपमहासचिव नियुक्त।

2008 -उत्तर प्रदेश में वैट अध्यादेश लागू होने के आद उत्तर प्रदेश व्यापार कर एक्ट 1948 समाप्त। भारतीय स्टील प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) के लौह एवं स्टील अनुसंथान एवं विकास केन्द्र को वर्ष 2008 का गोल्डन पीकाक इनोवेटिव प्रोडक्ट्स सर्विस पुरस्कार के लिए चुना गया।पाकिस्तान के सूबा-ए-सरहद प्रान्त के गवर्नर ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया। यूरोपीय संघ (ईयू) ने पाकिस्तान में चुनाव पर्यवेक्षण अभियान पूर्णरूप से शुरू किया।

2009 - नेशनल कांफेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के ये मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

2010 - 'हरित राजस्थान अभियान' के तहत डूंगरपुर ज़िला प्रशासन द्वारा ज़िले भर में फैली बंजर पहाड़ियों की हरितिमा लौटाने के लिए 11 व 12 अगस्त 2009 को किए गए 6 लाख से अधिक पौधारोपण की मुहिम को ⬇'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में सम्मिलित कर लिया गया।

5 जनवरी को जन्मे व्यक्ति

1592 – शाहजहाँ, भारत के मुग़ल सम्राट

1880 - बारीन्द्र कुमार घोष - भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी तथा पत्रकार थे।

1893 – परमहंस योगानन्द जी, भारतीय गुरु
1941 – मंसूर अली ख़ान पटौदी, भारतीय खिलाड़
1955 - ममता बनर्जी - पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री।

1986 – दीपिका पादुकोण, भारतीय मॉडल और अभिनेत्री

1905 - भदन्त आनन्द कौसल्यायन - प्रसिद्ध बौद्ध विद्वान, समाज सुधारक, लेखक तथा पालि भाषा के मूर्धन्य विद्वान।

1967- अशोक कुमार शुक्ला- कवि, साहित्यकार।

5 जनवरी को हुए निधन

1952 -लॉर्ड लिनलिथगो - ब्रिटिश राजनेता

1982 - सी. रामचन्द्र - हिन्दी फ़िल्म संगीतकार, गायक और निर्माता-निर्देशक

1959 - मिर्ज़ा इस्माइल - सन 1908 में मैसूर के महाराजा के सहायक सचिव थे।

📕📕📕📕📕📕
शाहजहाँ


पूरा नाम:;शाहबउद्दीन मुहम्मद शाहजहाँ

अन्य नाम::ख़ुर्रम

जन्म:5 जनवरी, सन् 1592

जन्म भूमि;;लाहौर

मृत्यु तिथि;;22 जनवरी, सन् 1666

मृत्यु स्थान::आगरा

पिता/माता::जहाँगीर, जगत गोसाई (जोधाबाई)पति/पत्नीअर्जुमन्द बानो (मुमताज)

संतान:: दारा शिकोह, शुज़ा, मुराद,
औरंगज़ेब,जहाँआरा, रोशनआरा, गौहनआरा

उपाधि::अबुल मुज़फ़्फ़र शहाबुद्दीन मुहम्मद साहिब किरन-ए-सानी, शाहजहाँ (जहाँगीर के द्वारा प्रदत्त)

राज्य सीमा;;उत्तर और मध्य भारतशासन कालसन 8 नवम्बर 1627 - 2 अगस्त 1658 ई.शा. अवधि31 वर्ष

राज्याभिषेक::25 जनवरी, सन् 1628

धार्मिक मान्यता::सुन्नी मुसलमान

प्रसिद्धिविश्व के सात आश्चर्य में एक-"ताजमहल" का निर्माणनिर्मा

ताजमहल, लाल क़िला दिल्ली, मोती मस्जिद आगरा, जामा मस्जिद दिल्ली

राजधानी::दिल्ली

पूर्वाधिकारी::जहाँगीर

उत्तराधिकारी;;औरंगजेब

राजघराना;;मुग़ल

वंश::तिमुरी वंश

मक़बरा::ताजमहल

शाहजहाँ का जन्म जोधपुर के शासक राजा उदयसिंह की पुत्री 'जगत गोसाई' (जोधाबाई) के गर्भ से 5 जनवरी, 1592 ई. को लाहौर में हुआ था।
उसका बचपन का नाम ख़ुर्रम था। ख़ुर्रम जहाँगीर का छोटा पुत्र था, जो छल−बल से अपने पिता का उत्तराधिकारी हुआ था। वह बड़ा कुशाग्र बुद्धि, साहसी और शौक़ीन बादशाह था। वह बड़ा कला प्रेमी, विशेषकर स्थापत्य कला का प्रेमी था। उसका विवाह 20 वर्ष की आयु में नूरजहाँ के भाई आसफ़ ख़ाँ की पुत्री 'आरज़ुमन्द बानो' से सन् 1611 में हुआ था। वही बाद में 'मुमताज़ महल' के नाम से उसकी प्रियतमा बेगम हुई। 20 वर्ष की आयु में ही शाहजहाँ, जहाँगीर शासन का एक शक्तिशाली स्तंभ समझा जाता था। फिर उस विवाह से उसकी शक्ति और भी बढ़ गई थी। नूरजहाँ, आसफ़ ख़ाँ और उनका पिता मिर्ज़ा गियासबेग़ जो जहाँगीर शासन के कर्त्ता-धर्त्ता थे, शाहजहाँ के विश्वसनीय समर्थक हो गये थे। शाहजहाँ के शासन−काल में मुग़ल साम्राज्य की समृद्धि, शान−शौक़त और ख्याति चरम सीमा पर थी। उसके दरबार में देश−विदेश के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्ति आते थे। वे शाहजहाँ के वैभव और ठाट−बाट को देख कर चकित रह जाते थे। उसके शासन का अधिकांश समय सुख−शांति से बीता था; उसके राज्य में ख़ुशहाली रही थी। उसके शासन की सब से बड़ी देन उसके द्वारा निर्मित सुंदर, विशाल और भव्य भवन हैं। उसके राजकोष में अपार धन था। सम्राट शाहजहाँ को सब सुविधाएँ प्राप्त थीं।

मनसब व उपाधि

1606 ई. में शाहज़ादा ख़ुर्रम को 8000 जात एवं 5000 सवार का मनसब प्राप्त हुआ। 1612 ई. में ख़ुर्रम का विवाह आसफ़ ख़ाँ की पुत्री आरज़ुमन्द बानों बेगम (बाद में मुमताज़ महल) से हुआ, जिसे शाहजहाँ ने ‘मलिका-ए-जमानी’ की उपाधि प्रदान की। 1631 ई. में प्रसव पीड़ा के कारण उसकी मृत्यु हो गई। आगरा में उसके शव को दफ़ना कर उसकी याद में संसार प्रसिद्ध ताजमहल का निर्माण किया गया। शाहजहाँ की प्रारम्भिक सफलता के रूप में 1614 ई. में उसके नेतृत्व में मेवाड़ विजय को माना जाता है। 1616 ई. में शाहजहाँ द्वारा दक्षिण के अभियान में सफलता प्राप्त करने पर उसे 1617 ई. में जहाँगीर ने ‘शाहजहाँ’ की उपाधि प्रदान की थी।

शानो-शौक़त

शाहजहाँ ने सन् 1648 में आगरा की बजाय दिल्ली को राजधानी बनाया; किंतु उसने आगरा की कभी उपेक्षा नहीं की। उसके प्रसिद्ध निर्माण कार्य आगरा में भी थे। शाहजहाँ का दरबार सरदार सामंतों, प्रतिष्ठित व्यक्तियों तथा देश−विदेश के राजदूतों से भरा रहता था। उसमें सबके बैठने के स्थान निश्चित थे। जिन व्यक्तियों को दरबार में बैठने का सौभाग्य प्राप्त था, वे अपने को धन्य मानते थे और लोगों की दृष्टि में उन्हें गौरवान्वित समझा जाता था। जिन विदेशी सज्ज्नों को दरबार में जाने का सुयोग प्राप्त हुआ था, वे वहाँ के रंग−ढंग, शान−शौक़त और ठाट−बाट को देख कर आश्चर्य किया करते थे। तख्त-ए-ताऊस शाहजहाँ के बैठने का राजसिंहासन था।

सिंहासन के लिए साज़िश

नूरजहाँ के रुख़ को अपने प्रतिकूल जानकर शाहजहाँ ने 1622 ई. में विद्रोह कर दिया, जिसमें वह पूर्णतः असफल रहा।

1627 ई. में जहाँगीर की मृत्यु के उपरान्त शाहजहाँ ने अपने ससुर आसफ़ ख़ाँ को यह निर्देश दिया, कि वह शाही परिवार के उन समस्त लोगों को समाप्त कर दें, जो राज सिंहासन के दावेदार हैं।

जहाँगीर की मृत्यु के बाद शाहजहाँ दक्षिण में था। अतः उसके श्वसुर आसफ़ ख़ाँ ने शाहजहाँ के आने तक ख़ुसरों के लड़के दाबर बख़्श को गद्दी पर बैठाया।

 शाहजहाँ के वापस आने पर दाबर बख़्श का क़त्ल कर दिया गया। इस प्रकार दाबर बख़्श को बलि का बकरा कहा जाता है।

आसफ़ ख़ाँ ने शहरयार, दाबर बख़्श, गुरुसस्प (ख़ुसरों का लड़का), होशंकर (शहज़ादा दानियाल के लड़के) आदि का क़त्ल कर दिया।

राज्याभिषेक

24 फ़रवरी, 1628 ई. को शाहजहाँ का राज्याभिषेक आगरा में ‘अबुल मुजफ्फर शहाबुद्दीन, मुहम्मद साहिब किरन-ए-सानी' की उपाधि के साथ किया गया।

विश्वासपात्र आसफ़ ख़ाँ को 7000 जात, 7000 सवार एवं राज्य के वज़ीर का पद प्रदान किया।

महावत ख़ाँ को 7000 जात 7000 सवार के साथ ‘ख़ानख़ाना’ की उपाधि प्रदान की गई।

नूरजहाँ को दो लाख रु. प्रति वर्ष की पेंशन देकर लाहौर जाने दिया गया, जहाँ 1645 ई. में उसकी मृत्यु हो गई।

धार्मिक नीति

सम्राट अकबर ने जिस उदार धार्मिक नीति के कारण अपने शासन काल में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की थी, वह शाहजहाँ के काल में नहीं थी।

 उसमें इस्लाम धर्म के प्रति कट्टरता और कुछ हद तक धर्मान्धता थी। वह मुसलमानों में सुन्नियों के प्रति पक्षपाती और शियाओं के लिए अनुदार था।

हिन्दू जनता के प्रति सहिष्णुता एवं उदारता नहीं थी। शाहजहाँ ने खुले आम हिन्दू धर्म के प्रति विरोध भाव प्रकट नहीं किया, तथापि वह अपने अंत:करण में हिन्दुओं के प्रति असहिष्णु एवं अनुदार था।

शाहजहाँ के समय में हुए विद्रोह

लगभग सभी मुग़ल शासकों के शासनकाल में विद्रोह हुए थे। शाहजहाँ का शासनकाल भी इन विद्रोहों से अछूता नहीं रहा। उसके समय के निम्नलिखित विद्रोह प्रमुख थे-

बुन्देलखण्ड का विद्रोह (1628-1636ई.)

वीरसिंह बुन्देला के पुत्र जुझार सिंह ने प्रजा पर कड़ाई कर बहुत-सा धन एकत्र कर लिया था। एकत्र धन की जाँच न करवाने के कारण शाहजहाँ ने उसके ऊपर 1628 ई. में आक्रमण कर दिया। 1629 ई. में जुझार सिंह ने शाहजहाँ के सामने आत्मसमर्पण कर माफी माँग ली। लगभग 5 वर्ष की मुग़ल वफादरी के बाद जुझार सिंह ने गोंडवाना पर आक्रमण कर वहाँ के शासक प्रेम नारायण की राजधानी ‘चैरागढ़’ पर अधिकार कर लिया। औरंगज़ेब के नेतृत्व में एक विशाल मुग़ल सेना ने जुझार सिंह को परास्त कर भगतसिंह के लड़के देवीसिंह को ओरछा का शासक बना दिया। इस तरह यह विद्रोह 1635 ई. में समाप्त हो गया। चम्पतराय एवं छत्रसाल जैसे महोबा शासकों ने बुन्देलों के संघर्ष को जारी रखा।

ख़ानेजहाँ लोदी का विद्रोह (1628-1631 ई.)

पीर ख़ाँ ऊर्फ ख़ानेजहाँ लोदी एक अफ़ग़ान सरदार था। इसे शाहजहाँ के समय में मालवा की सूबेदारी मिली थी। 1629 ई. में मुग़ल दरबार में सम्मान न मिलने के कारण अपने को असुरक्षित महसूस कर ख़ानेजहाँ अहमदनगर के शासक मुर्तजा निज़ामशाह के दरबार में पहुँचा। निज़ामशाह ने उसे ‘बीर’ की जागीरदारी इस शर्त पर प्रदान की, कि वह मुग़लों के क़ब्ज़े से अहमदनगर के क्षेत्र को वापस कर दें। 1629 ई. में शाहजहाँ के दक्षिण पहुँच जाने पर ख़ानेजहाँ को दक्षिण में कोई सहायता न मिल सकी, अतः निराश होकर उसे उत्तर-पश्चिम की ओर भागना पड़ा। अन्त में बाँदा ज़िले के ‘सिंहोदा’ नामक स्थान पर ‘माधोसिंह’ द्वारा उसकी हत्या कर दी गई। इस तरह 1631 ई. तक ख़ानेजहाँ का विद्रोह समाप्त हो गया।

पुर्तग़ालियों के बढ़ते प्रभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से शाहजहाँ ने 1632 ई. में उनके महत्त्वपूर्ण व्यापारिक केन्द्र ‘हुगली’ पर अधिकार कर लिया। शाहजहाँ के समय में (1630-32) दक्कन एवं गुजरात में भीषण दुर्भिक्ष (अकाल) पड़ा, जिसकी भयंकरता का उल्लेख अंग्रेज़ व्यापारी 'पीटर मुंडी' ने किया है। शाहजहाँ के शासन काल में ही सिक्ख पंथ के छठें गुरु हरगोविंद सिंह से मुग़लों का संघर्ष हुआ, जिसमें सिक्खों की हार हुई।

साम्राज्य विस्तार

दक्षिण भारत में शाहजहाँ के साम्राज्य विस्तार का क्रम

अहमदनगर

जहाँगीर के राज्य काल में मुग़लों के आक्रमण से अहमदनगर की रक्षा करने वाले मलिक अम्बर की मृत्यु के उपरान्त सुल्तान एवं मलिक अम्बर के पुत्र फ़तह ख़ाँ के बीच आन्तरिक कलह के कारण शाहजहाँ के समय महावत ख़ाँ को दक्कन एवं दौलताबाद प्राप्त करने में सफलता मिली। 1633 ई. में अहमदनगर का मुग़ल साम्राज्य में विलय किया गया और नाममात्र के शासक हुसैनशाह को ग्वालियर के क़िले में कारावास में डाल दिया गया। इस प्रकार निज़ामशाही वंश का अन्त हुआ, यद्यपि शिवाजी के पिता शाहजी भोंसले ने 1635 ई. में मुर्तजा तृतीय को निज़ामशाही वंश का शासक घोषित कर संघर्ष किया, किन्तु सफलता हाथ न लगी। चूंकि शाहजी की सहायता अप्रत्यक्ष रूप से गोलकुण्डा एवं बीजापुर के शासकों ने की थी, इसलिए शाहजहाँ इनको दण्ड देने के उद्देश्य से दौलताबाद पहुँचा। गोलकुण्डा के शासक ‘अब्दुल्लाशाह’ ने डर कर शाहजहाँ से निम्न शर्तों पर संधि कर ली-

बादशाह को 6 लाख रुपयें का वार्षिक कर देने मंज़ूर किया।बादशाह के नाम से सिक्के ढलवाने एवं ख़ुतबा (उपदेश या प्रशंसात्मक रचना) पढ़वाने की बात मान ली।साथ ही बीजापुर के विरुद्व मुग़लों की सैन्य कार्यवाही में सहयोग की बात को मान लिया।गोलकुण्डा के शासक ने अपने पुत्री का विवाह औरंगज़ेब के पुत्र मुहम्मद से कर दिया।मीर जुमला (फ़ारस का प्रसिद्ध व्यापारी) जो गोलकुण्डा का वज़ीर था, मुग़लों की सेना में चला गया और उसने शाहजहाँ को कोहिनूर हीरा भेट किया।

बीजापुर

बीजापुर के शासक आदिलशाह द्वारा सरलता से अधीनता न स्वीकार करने पर शाहजहाँ ने उसके ऊपर तीन ओर से आक्रमण किया। बचाव का कोई भी मार्ग न पाकर आदिलशाह ने 1636 ई. में शाहजहाँ की शर्तों को स्वीकार करते हुए संधि कर ली। संधि की शर्तों में बादशाह को वार्षिक कर देना, गोलकुण्डा को परेशान न करना, शाहजी भोंसले की सहायता न करना आदि शामिल था। इस तरह बादशाह शाहजहाँ 11 जुलाई, 1636 ई. को औरंगज़ेब को दक्षिण का राजप्रतिनिधि नियुक्त कर वापस आ गया।

दक्षिणी मुग़ल प्रदेश का विभाजन

औरंगज़ेब 1636-1644 ई. तक दक्षिण का सूबेदार रहा। इस बीच उसने औरंगबाद को मुग़लों द्वारा दक्षिण में जीते गये प्रदेशों की राजधानी बनाया। इसने दक्षिण के मुग़ल प्रदेश को निम्न सूबों में विभाजित किया-

ख़ानदेश- इसकी राजधानी ‘बुरहानपुर’ थी। इसके पास असीरगढ़ का शक्तिशाली क़िला था।बरार- इसकी राजधानी ‘इलिचपुर’ थी।तेलंगाना- इसकी राजधानी नन्देर थी।अहमदनगर- इसके अन्तर्गत अहमदनगर के जीते गये क्षेत्र शामिल थे।

1644 ई. में औरंगज़ेब को विवश होकर दक्कन के राजप्रतिनिधि पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा। इसका कारण उसके प्रति दारा शिकोह का निरंतर विरोध या दारा शिकोह के प्रति शाहजहाँ का पक्षपात था। तदुपरांत औरंगज़ेब 1645 ई. में गुजरात का शासक हुआ। बाद में वह बल्ख, बदख़्शाँ तथा कंधार पर आक्रमण करने के लिए भेजा गया, पर ये आक्रमण असफल रहे। 1652 ई. में पुनः उसे दूसरी बार दक्कन का राजप्रतिनिधि बना कर भेजा गया। तबसे दौलताबाद या औरंगाबाद उसकी सरकार का प्रधान कार्यालय रहा।

1652-1657 ई. में दक्षिण की सूबेदारी के अपने दूसरे कार्यकाल में औरंगज़ेब ने दक्षिण में मुर्शिदकुली ख़ाँ के सहयोग से लगान व्यवस्था एवं अर्थव्यवस्था को व्यवस्थित करने का प्रयास किया। अपने इन सुधार कार्यों में औरंगज़ेब ने टोडरमल एवं मलिक अम्बर की लगान व्यवस्था को आधार बनाया।

औरंगज़ेब ने अपने द्वितीय कार्यकाल (दक्कन की सूबेदारी) के दौरान में सम्पन्न सैनिक अभिय

Tuesday, 3 January 2017

4 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

4 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

1998 -  बांग्लादेश ने भारत को उल्फा महासचिव अनूप चेतिया को सौंपने से इन्कार किया।


1999 - मंगल ग्रह पर भाप का विश्लेषण करने हेतु अमेरिकी यान 'मार्स पौसर लैंडर प्रोब' का प्रस्थान।

2002 - ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर भारत पहुँचे।

2004 - भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पाक प्रधानमंत्री जमाली के बीच इस्लामाबाद में वार्ता आयोजित।

2006 - दुबई के शासक शेख़मकतूम बिन रशीद अल मकतूम का निधन।

2008-गुजरात में मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी मंत्रीमण्डल में 18 नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी गयी।अमेरिका ने श्रीलंका को सैन्य उपकरणों और सेवाओं की आपूर्ति पर रोक लगायी।

2009- पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने यूपीए से नाता तोड़ा।

2010- भारत में स्टॉक एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया के आदेश पर शेयर बाज़ारों के खुलने का समय एक घंटा पहले सुबह 9 बजे कर दिया गया।

4 जनवरी को जन्मे व्यक्ति

1809 - लुई ब्रेल - नेत्रहीनों के लिये ब्रेल लिपि का निर्माण करने वाले प्रसिद्ध व्यक्ति

1924 - सेबास्तियन कप्पेन, धार्मिक विचारक

1925 - गोपाल दास नीरज- कवि

1931 - निरुपा रॉय अभिनेत्री

1965 - आदित्य पंचोली अभिनेता

1988 - नाबिला जमशेद, भारतीय लेखक

1925 - प्रदीप कुमार, हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता

1887 - लोचन प्रसाद पाण्डेय - प्रसिद्ध साहित्यकार, जिन्होंने हिन्दी एवं उड़िया, दोनों भाषाओं में काव्य रचनाएँ भी की हैं।

1952 - टी. एस. ठाकुर - वर्तमान मुख्य न्यायाधीश, भारत के 43वें न्यायाधीश हैं।

4 जनवरी को हुए निधन

1931 - मोहम्मद अली - भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और शिक्षाविद।

1994 - राहुल देव बर्मन (आर. डी. बर्मन) हिन्दी फ़िल्मों के मशहूर संगीतकार

1983 - झाबरमल्ल शर्मा - राजस्थान के वयोवृद्ध साहित्यकार, पत्रकार एवं इतिहासकार।

1905 - अयोध्याप्रसाद खत्री- खड़ी बोली के प्रसिद्ध कवि

4 जनवरी के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

 🖌📄*लुई ब्रेल दिवस*

✳लुई ब्रेल दिवस 4 जनवरी को लुई ब्रेल की याद में मनाया जाता है।

लुई ब्रेल ने नेत्रहीनों के लिये ब्रेल लिपि का निर्माण किया था।

लुई ब्रेल की वजह से नेत्रहीनों को पढ़ने का मौक़ा मिला।

सन 2009 में 4 जनवरी को जब लुई ब्रेल के जन्म को पूरे दो सौ वर्षों का समय पूरा हुआ तो लुई ब्रेल जन्म द्विशती के अवसर पर हमारे देश ने उन्हें पुनः पुर्नजीवित करने का प्रयास किया

 जब इस अवसर पर उनके सम्मान में डाक टिकटजारी किया गया।



लुई ब्रेल


लुई ब्रेल (जन्म - 4 जनवरी 1809; मृत्यु - 6 जनवरी 1852) नेत्रहीनों के लिये ब्रेल लिपि का निर्माण करने के लिये प्रसिद्ध हैं।

ब्रेल लिपि के निर्माण से नेत्रहीनों के पढ़ने की कठिनाई को मिटाने वाले लुई स्वयं भी नेत्रहीन थे।

लुई ब्रेल का जन्म फ्रांस के छोटे से ग्राम कुप्रे में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था।


कालान्तर में स्वयं लुई ब्रेल ने आठ वर्षो के परिश्रम से ब्रेल लिपि में अनेक संशोधन किये और अंततः 1829 में छह बिन्दुओ पर आधारित ऐसी लिपि बनाने में सफल हुये।

लुई ब्रेल के वजह से नेत्रहीनों को पढ़ने का मौक़ा मिला।

1837 में फ्रांस का सक्षिप्त इतिहास नामक पुस्तक भी ब्रेल लिपि में छापी गई थी, परन्तु फिर भी संसार ने इसे मान्यता देने में बहुत समय लगाया

सन 1854 में लुई ब्रेल की मृत्यु के दो वर्ष चश्चात् फ्रांसीसी सरकार ने इसे सरकारी मान्यता प्रदान की।

ब्रेल लिपि की असीम क्षमता और प्रबल प्रभाविकता के कारण सन् 1950 के विश्व ब्रेल सम्मेलन में ब्रेल को 'विश्व ब्रेल' का स्थान मिल गया।

सन 2009 में 4 जनवरी को जब लुई ब्रेल के जन्म को पूरे दो सौ वर्षों का समय पूरा हुआ तो लुई ब्रेल जन्म द्विशती के अवसर पर हमारे देश ने उन्हें पुनः पुर्नजीवित करने का प्रयास किया

Daily GK Update : 03rd January, 2017

Daily GK Update : 03rd January, 2017
📗📗📗📗📗📗📗📗


1. सावित्रीबाई फुले की 186वीं वर्षगांठ :3 जनवरी 2017

i. देश की पहली महिला शिक्षक, सावित्रीबाई फुले, एक सामाजिक कार्यकर्ता और कवि भी थीं  थीं. उनका जन्म 03 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के नवगाँव में हुआ था. सावित्रीबाई को भारत में स्त्री शिक्षा के अवसरों की आधारशिला रखने का श्रेय जाता है.

ii. उन्होंने छुआछूत के विरोध, सती प्रथा, बाल-विवाह एवं अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान चलाया. आज उनके 186वें जन्मदिन के अवसर पर गूगल इंडिया ने भी गूगल डूडल द्वारा उन्हें याद किया.


2. पीएम ने तिरुपति में भारतीय साइंस कांग्रेस का उद्घाटन किया

i. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी में, पांच-दिवसीय वार्षिक भारतीय साइंस कांग्रेस का उद्घाटन किया.

ii. भारतीय विज्ञान कांग्रेस एसोसिएशन (ISCA) के जनरल प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर डी नारायण राव ने बताया कि भारतीय विज्ञान कांग्रेस का फोकल विषय ‘राष्ट्रीय विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी’ होगा.


3. पीएनबी और यूनियन बैंक ने भी घटाई ऋण की ब्याज दरें

i. भारतीय स्टेट बैंक द्वारा ऋण की ब्याज दरों में कमी के बाद, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) ने भी अपनी विभिन्न मैच्योरिटी अवधि के ऋण का मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) 0.90% तक घटाया है.

ii. वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक ने भी अपने विभिन्न एमसीएलआर में 0.45% और आईसीआईसीआई बैंक ने 0.70% तक की कटौती की है. नई दरें 1 जनवरी से लागू हो चुकी हैं.


4. भीम एप भारत की सर्वाधिक-लोकप्रिय फ्री एप बनी

i. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लौन्चिंग के 48 घंटों में ही, भीम एप भारत की सर्वाधिक-लोकप्रिय और भारत में सबसे ज्यादा डाउनलोड की जाने वाली फ्री एंड्राइड एप बन गई है.

ii. 30 दिसम्बर 2016 (शुक्रवार) को, डिजिटल भुगतान को सरल बनाने हेतु लांच की गई भीम (भारत इंटरफेस फॉर मनी-BHIM) एप अब तक 3 मिलियन बार डाउनलोड की जा चुकी है.


5. सेबी ने दी बीएसई के आईपीओ को मंज़ूरी

i. पूंजी बाज़ार नियामक ने मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) को हरी झंडी दे दी. बीएसई ने सितंबर 2016 में सेबी के समक्ष आईपीओ के लिए आवेदन किया था.

ii. बीएसई का परिचालन करने वाली सीडीएसएल इस आईपीओ के ज़रिए 3.5 करोड़ से ज़्यादा शेयर बेच सकती है और इससे 1,500 करोड़ रु तक जुटाएगी.


6. डेविड सिम्लिह बने यूपीएससी के नए अध्यक्ष
i. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने प्रोफेसर डेविड आर. सिम्लिह को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) का अध्यक्ष नियुक्त किया है. सिम्लिह मेघालय से हैं और यूपीएससी के सदस्य हैं.

ii. सिम्लिह (63) चार जनवरी को कार्यभार ग्रहण करेंगे और 21 जनवरी, 2018 को सेवानिवृत्त होंगे. वे अल्का सिरोही का स्थान लेंगे.

7. आईओएस के लिए 10 दिनों मे लॉन्च होगा 'BHIM' ऐप: नीति आयोग सीईओ

i. नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने सोमवार को कहा कि डिजिटल पेमेंट ऐप 'BHIM' 10 दिनों में आईओएस प्लेटफॉर्म पर भी लॉन्च किया जाएगा. यह ऐप कई भाषाओं में उपलब्ध होगा.

ii. अभी यह ऐप सिर्फ एंड्रॉयड यूज़र्स ही इस्तेमाल कर सकते हैं. 30 दिसंबर को लॉन्च हुए इस ऐप द्वारा अब तक 5 लाख से ज़्यादा ट्रांज़ैक्शन हुए हैं.


8. ब्रिटेन मार्च में जारी करेगा £1 के नए सिक्के

i. ब्रिटिश सरकार ने मार्च में £1 के नए सिक्के जारी करने और मौजूदा सिक्के अक्टूबर तक बंद करने की घोषणा की है. £1 का नया 12 कोने (साइड) वाला सिक्का 28 मार्च को जारी होगा और पहली किस्त में 1.5 अरब सिक्के जारी किए जाएंगे.

ii. ब्रिटेन में £1 के मौजूदा सिक्के 30 साल से चलन में हैं. ब्रिटेन के सिक्के जारी करने वाले निकाय 'रॉयल मिंट' का कहना है कि ब्रिटेन में एक पाउंड के तीन फीसदी सिक्के नकली हैं.


9. चीन में 7 महीने के भीतर ट्विटर एमडी कैथी चेन ने दिया इस्तीफा

i. माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर की चीनी इकाई की प्रबंध निदेशक (एमडी) कैथी चेन ने 7 महीने के भीतर ही इस्तीफा दे दिया है.

ii. चेन ने ट्विटर से पहले 'पीपल्स लिबरेशन आर्मी' के लिए 7 साल रक्षा मिसाइल रिसर्च करने में बिताया था. हाल ही में ट्विटर के सीटीओ एडम मेसिंगर और सीओओ एडम बेन भी अपना पद छोड़ चुके हैं.


10. सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटाया

i. उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई अध्यक्ष पद से और अजय शिर्के को सचिव पद से हटा दिया. कोर्ट ने अनुराग को अवमानना नोटिस भी जारी किया है.

ii. कोर्ट ने कहा कि बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट बोर्ड के अधिकारी क्रिकेट में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए उसके आदेश को लागू करने में विफल रहे.


11. रेलवे के एस. सतीश कुमार ने छठी बार स्वर्ण जीता

i. रियो ओलंपियन, भारतीय रेलवे की ओर से खेलने वाले सतीश सिवालिंगम ने, तमिलनाडु स्थित पोंजेस्ली कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में हुए 69वें पुरुष सीनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में, पुरुष 77 किग्रा वर्ग में, लगातार छठे वर्ष स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा किया.


12. राफेल नडाल ने अबू धाबी में मुबादला वर्ल्ड टेनिस चैंपियनशिप 2016 जीता

i. राफेल नडाल ने अबू धाबी में हुए मुबादला वर्ल्ड टेनिस चैंपियनशिप में बेल्जियम के डेविड गोफ्फिन को 6-4, 7-6 से हराकर यह ख़िताब अपने नाम किया.

ii. 30 वर्षीय नडाल ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में विश्व के नंबर 1 खिलाड़ी एंडी मरे को हराया.


13. टेबल टेनिस ओलंपिक चैंपियन ली जियोशिया ने अपने रिटायरमेंट की घोषणा की

i. चीन की टेबल टेनिस ओलंपिक चैंपियन ली जियोशिया ने अपने रिटायरमेंट की घोषणा की. वो इतिहास में आठ बार टेबल टेनिस का ग्रांड स्लैम जीत चुकी हैं.
ii. ली ने 2008 में कुलालालंपुर में विश्व कप, 2012 ओलंपिक लन्दन और 2013 विश्व चैंपियनशिप पेरिस में एकल ख़िताब जीता. उनके नाम अनेक डबल और टीम विश्व ख़िताब भी हैं.

Current Affairs January 2017

Current  Affairs


•    सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाये जाने का आदेश जारी किया: अनुराग ठाकुर

•    इन्हें हाल ही में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग में महालेखा नियंत्रक नियुक्त किया गया: अर्चना निगम

•    अरुणाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री 43 में से इतने विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गये तथा राज्य में बीजेपी की सरकार का गठन किया: 33

•    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नववर्ष की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम जारी संबोधन में गर्भवती महिलाओं के बैंक अकाउंट में इतनी राशि जमा कराये जाने की घोषणा की गयी: 6,000 रुपये

•    राष्ट्रपति द्वारा नोटबंदी से सम्बंधित इस अध्यादेश को मंजूरी प्रदान की गयी: बैंक नोट अध्यादेश-2016 (देनदारियों की समाप्ति)

•    भारत और जिस देश ने डीटीएए में संशोधन के लिए तीसरे प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किया: सिंगापुर

•    आरबीआई ने एटीएम निकासी की दैनिक सीमा बढ़ाते हुए 1 जनवरी 2017 से अधिकतम दैनिक निकासी की सीमा 2500 रूपये से बढ़ाकर जितने रुपए तक कर दी है: 4500 रुपए

•    पाकिस्तान के सबसे उम्रदराज जिस क्रिकेट खिलाड़ी का 31 दिसम्बर 2016 को निधन हो गया: इम्तियाज अहमद

•    कुश भगत ने पहली वेस्टर्न एशिया यूथ शतरंज चैंपियनशिप में जितने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा: तीन स्वर्ण पदक

•    भारत के जिस स्टार खिलाड़ी ने पेशेवर टेनिस से संन्यास लेने की घोषणा की: सोमदेव देववर्मन

•    राष्ट्रपति ने संघ लोक सेवा आयोग के जिस सदस्य को आयोग के अध्यक्ष पद का दायित्व सौंपा है: प्रो डेविड आर. सिम्लिह

•    हाल ही में पाकिस्तान में 25वें मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की गयी, मुख्य न्यायाधीश का नाम है: मियाँ साकिब निसार

•    जिन दो देशों ने 1 जनवरी 2017 को 26वीं बार अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची साझा की: भारत और पाकिस्तान

•    डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन) ने 2 जनवरी 2017 को बालासोर से अग्नि-4 मिसाइल का टेस्ट किया. इसकी प्रहार रेंज जितने किमी है: 4 हजार

•    जिस संस्था ने सीरिया में राष्ट्रव्यापी संघर्ष विराम के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद


*Daily GK Update : 1st January, 2017 For All The Upcoming Exams*

*Daily GK Update : 1st January, 2017 For All The Upcoming Exams*

📗📗📗📗📗📗
1. *प्रधान मंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु*

i. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने दो आवासीय योजनाओं, छोटे व्यापारियों के लिए कर प्रोत्साहन, किसानों के लिए ब्याज छूट और गर्भवती महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है.

ii. प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नई योजना में, घर खरीददारों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की गई. अब 9 लाख रुपए तक के होम लोन पर 4% की ब्याज राहत मिलेगी जबकि 12 लाख रुपए तक के होम लोन पर 3% की कटौती की गई है.

iii. ग्रामीण क्षेत्रों में, निर्माण, मरम्मत और घर के विस्तार के लिए अब 2 लाख रुपए तक के ऋण पर 3% की ब्याज राहत दी जाएगी.

iv. किसानों द्वारा रबी फसलों के लिए, जिला सहकारी बैंकों और प्राइमरी सोसाइटी से लिए गए ऋण का 60 दिनों का ब्याज अब सरकार भरेगी.

v. किसानों को ऋण देने के लिए नाबार्ड को दिए गए 22000 हजार करोड़ के फंड को लगभग दुगुना करते हुए 20,000 करोड़ रु और दिए जायेंगे.

vi. 3 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड, रुपे (RuPay) क्रेडिट कार्ड में बदला जाएगा.

vii. छोटे उद्यमियों के लिए, क्रेडिट गारंटी 1 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ कर दी गई है. इसमें गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से लिया गया लोन भी शामिल होगा. दुकानदार और छोटे व्यापारियों को इस वजह से अधिक ऋण मिल जाएगा.

viii. छोटे व्यापारियों के लिए, नकद उधार सीमा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दी गई है. कार्यशील पूंजी वर्तमान 20% से बढ़ाकर 30% कर दिया गया है यदि लेन-देन डिजिटल मोड से किया जाएगा.

ix. लेस कैश अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हुए, पीएम ने कहा कि 2 करोड़ वाले छोटे व्यापारियों और व्यवसायियों से, 8% की जगह 6% कर लगाया जाएगा यदि वे बैंकिंग और डिजिटल माध्यमों से भुगतान स्वीकार करते हैं.

x. गर्भवती महिलाओं के लिए एक राष्ट्रीय योजना शुरू की गई है. होने वाली माता को प्रसव, टीकाकरण, और पौष्टिक भोजन के लिए 6,000 रु मिलेगा. यह सीधा उनके खाते में हस्तांतरित किया जाएगा. यह माताओं के जीवन और नवजात बच्चे को बचाने में सहायक होगा.

xi. वरिष्ठ नागरिकों को उनके 7.5 लाख की जमा पर 8 प्रतिशत ब्याज सुनिश्चित कर दिया गया है. अब वरिष्ठ नागरिकों के लिए अगले 10 वर्षों तक ब्याज दर 8% निर्धारित कर दी गई है.


2. *प्रवासी भारतीय 30 जून 2017 तक जमा कर सकते हैं बंद हुए नोट*

i. भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अमान्य नोट रखने पर सज़ा देने वाले अध्यादेश के अनुसार, प्रवासी भारतीय (एनआरआई) 30 जून 2017 तक पुराने नोटों में अधिकतम 25,000रु तक जमा कर सकते हैं.

ii. वहीं, 8 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 तक विदेश में रहे भारतीय नागरिक भी इतनी ही मूल्य के पुराने नोट 31 मार्च तक आरबीआई की चुनिंदा शाखाओं में जमा कर सकते हैं.

iii. हालाँकि पात्र प्रवासी भारतीयों के लिए विदेशी मुद्रा के लिए कोई मौद्रिक सीमा नहीं है, प्रवासी भारतीयों के लिए यह सीमा फेमा विनियम के अनुसार प्रति व्यक्ति 25,000 रुपये होगा.


3. *अर्चना निगम बनीं नई महालेखा नियंत्रक *

i. अर्चना निगम को भारत सरकार की नई महालेखा नियंत्रक (सीजीए- Controlleer General of Accounts) नियुक्त किया गया है. 1981 बैच की आइसीएएस अधिकारी अर्चना निगम 01 जनवरी 2017 से वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग में पदभार संभालेंगी.

ii. दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से साइकोलॉजी (ऑनर्स) में स्नातक और डीयू से ही लॉ ग्रेजुएट अर्चना, एमजे जोसेफ का स्थान लेंगी.

iii. अनीता, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में पारदर्शिता की पक्षधर हैं. उन्होंने 2007-08 में पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी. पीएफएमएस योजनाओं को ट्रैक करने की वेब आधारित व्यवस्था है.


4. *भारतीय मूल के ब्रिटिश प्रोफेसर नाइटहुड की उपाधि से सम्मानित*

i. भारतीय मूल के ब्रिटिश प्रोफेसर शंकर बालसुब्रमण्यम को ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ (द्वितीय) ने विज्ञान और चिकित्सा क्षेत्र में कार्य के लिए नाइटहुड की उपाधि से सम्मानित किया है.
ii. कैंब्रिज विश्वविद्यालय में मेडिसिनल केमिस्ट्री के प्रोफेसर बालसुब्रमण्यम अगली पीढ़ी की डीएनए सिक्वेंसिंग के को-रिसर्चर के रूप में जाने जाते हैं. उन्होंने नाइटहुड को अपने लिए बड़ा सम्मान बताया है.
5. *एसबीआई ने मैजिकब्रिक्स.कॉम के साथ करार किया*

i. देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ने, संयुक्त विपणन गतिविधियों का संचालन और रियल एस्टेट सेक्टर को फिर से जीवंत करने में मदद के लिए, ऑनलाइन क्लासीफाइड पोर्टल मैजिकब्रिक्स.कॉम के साथ गठजोड़ किया है.

ii. एमओयू को शुरुआत देने के लिए, एसबीआई और मैजिकब्रिक्स ने 'Seal the Deal' अभियान शुरू किया है. इसके अंतर्गत, एसबीआई और मैजिकब्रिक्स, एसबीआई द्वारा मंजूरी मिल चुकी परियोजनाओं के लिए एक मेगा ऑनलाइन प्रॉपर्टी शो की मेजबानी करेंगे. इस पैमाने पर इस उद्योग में यह पहली आवासीय कार्निवल होगी.


6. *न्यायाधीश साकिब निसार पाकिस्तान के 25वें मुख्य न्यायाधीश नियुक्त*

i. न्यायाधीश मियाँ साकिब निसार ने पाकिस्तान के 25वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली. उन्हें देश के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में शपथ दिलाई.

ii. न्यायाधीश निसार ने न्यायाधीश अनवर ज़हीर जमाली का स्थान लिया है जो सितम्बर 2015 में अपनी नियुक्ति के बाद से इस पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे.


7. *चीन, नेपाल के साथ पहली बार करेगा सैन्य अभ्यास *

i. चीन के रक्षा अधिकारियों ने बताया है कि चीन वर्ष 2017 में नेपाल के साथ पहली बार सैन्य अभ्यास करेगा. विशेषज्ञों के मुताबिक, चीन के इस कदम से भारत को आपत्ति हो सकती है. बतौर मीडिया रिपोर्ट्स, चीन नेपाल में लगातार अपना प्रभाव बढ़ा रहा है.

ii. दरअसल, नेपाल ऐतिहासिक तौर पर भारत और चीन के बीच प्राकृतिक अवरोध बना हुआ है. हालाँकि नेपाल अन्य देशों, जिसमें भारत और अमेरिका भी शामिल हैं, के साथ सैन्य अभ्यास करता रहा है लेकिन चीन के साथ यह पहला सैन्य अभ्यास होगा. 

LATEST POST

Live Virtual Classroom STD: 9 to 12 Home Learning date:04/08/2020

Welcome to the Virtual Class Standard: 9 to 12 under the Home Learning Program by Samagra Shiksha. Date: 04/08/2020  ◆Standard: 9  ...